सहस्त्र शालिग्राम पूजा-अर्चना सहित भगवान श्रीहरि की कृपा एवं गौ-माता की महिमा को जन-जन तक पहुँचाने वाला भव्य धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन।
स्थान: ठाकुर जी महाराज विराजमान, श्री राम जानकी मंदिर, हरुनगला, बरेली
कलश शोभा यात्रा: 7 जून प्रातः 08:00 बजे से प्रारम्भ
परम श्रद्धेय स्वामी हरिशरण महाराज जी
1008 दिव्य शालिग्राम भगवान पूजन
गौ-सेवा, धर्म संरक्षण एवं सनातन संस्कृति
नाथ नगरी बरेली की पावन भूमि पर श्रद्धा, सेवा, संस्कार और सनातन संस्कृति का दिव्य संगम।
श्रद्धेय गौ-भक्त एवं सनातन संस्कृति प्रेमी महानुभावों के श्रीचरणों में सादर प्रणाम।
परम पूज्य जगत जननी गौ-माता की असीम कृपा एवं भगवान श्रीहरि की दिव्य प्रेरणा से नाथ नगरी बरेली की पुण्यभूमि में सहस्त्र शालिग्राम पूजा-अर्चना सहित श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ, गौ-महिमा विराट सत्संग एवं नाथ नगरी गौ-ज्ञान महोत्सव 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन सम्पन्न होने जा रहा है।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, अपितु गौ-संरक्षण, राष्ट्र-जागरण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव एवं सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का एक दिव्य अभियान है।
नाथ नगरी में 1008 दिव्य शालिग्राम भगवान को वैदिक विधि-विधान से अन्तरराष्ट्रीय वैदिक संस्कृति प्रचारक परम श्रद्धेय स्वामी हरिशरण महाराज जी के करकमलों द्वारा महाअर्चना, सहस्त्र तुलसीदल अर्पण एवं नौ-दुग्ध महाभिषेक किया जाएगा।
| कार्यक्रम | समय / विवरण |
|---|---|
| कलश शोभा यात्रा | रवि सप्तमी, 7 जून 2026 प्रातः 8 बजे से नगर परिक्रमा |
| कार्यक्रम उद्घाटन | प्रातः 11 बजे |
| कथा वाचन | प्रतिदिन अपराह्न 3:30 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक |
| आरती | प्रतिदिन रात्रि 8:30 बजे |
| प्रसाद वितरण | प्रतिदिन रात्रि 8:45 बजे |
| हवन एवं वैदिक अनुष्ठान | प्रातः 7:30 बजे से 11 बजे तक |
| 1008 शालिग्राम दर्शन एवं प्रदक्षिणा | प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे से रात्रि 8 बजे तक |
| पूर्णाहुति | 4 जून 2026 प्रातः 8 बजे |
| महा-प्रसाद भण्डारा | 14 जून 2026 प्रातः 10 बजे से |
1008 दिव्य शालिग्राम भगवान का वैदिक पूजन एवं अभिषेक।
श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का दिव्य आयोजन।
गौ-महिमा एवं राष्ट्र निर्माण विषयक प्रेरणादायक प्रवचन।
सहस्त्र तुलसीदल अर्पण एवं विशेष अर्चना।
कन्याओं का पूजन एवं भक्तिमय संस्कार कार्यक्रम।
तुलादान के माध्यम से मातृ-पितृ पूजन एवं आशीर्वाद समारोह।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संत-महात्माओं का सानिध्य।
भजन, संकीर्तन, दिव्य वृंदावन की झांकी दर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।
वृक्षारोपण एवं स्वच्छता जागरण अभियान।
गौ महिमा गान एवं पूजन के माध्यम से राष्ट्र कल्याण की भावना।
सहस्त्र शालिग्राम पूजा-अर्चना कर जीवन के दुःख-कष्टों से मुक्ति की भावना।
श्रीमद्भागवत का ज्ञान ग्रहण कर जीवन के वास्तविक लक्ष्य को समझना।
भजन एवं झांकियों के दर्शन कर मन को भक्तिमय बनाना।
हम सभी धार्मिक आस्था और विश्वास का सम्मान करते हैं। महाअनुष्ठान सम्पन्न होने तक किसी भी तरह का अवैध या अनुचित कार्य नहीं होना चाहिए।
धर्म, गौ-सेवा, राष्ट्र जागरण, संस्कृति, युवा शक्ति, पर्यावरण प्रेमी एवं प्रत्येक नागरिक इस महान आयोजन में सहयोगी बन सकते हैं।
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